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आठ प्रकार की हैं लक्ष्मी, आपको किस लक्ष्मी की आराधना करनी चाहिए?

आठ प्रकार की हैं लक्ष्मी, आपको किस लक्ष्मी की आराधना करनी चाहिए? इन अष्ट लक्ष्मी की अनुपस्थिति को- अष्ट दरिद्रता कहा जाता है. लक्ष्मी से मिलाने वाले नारायण हैं. लक्ष्मी को प्राप्त करने के माध्मय

कड़ी मशक्कत के बाद जोहड़ से निकाला युवती का शव

कड़ी मशक्कत के बाद जोहड़ से निकाला युवती का शवयह घटना पटौदी विधानसभा क्षेत्र के गांव मनियावास कीसुबह मंदिर के पास जोहड़ में दाना डालने गई थी युवतीफतह सिंह उजालापटौदी । अलसुबह अपने घर से गांव में

विश्व के प्रथम सन्यासी

विश्व के प्रथम सन्यासी भगवान श्री हरि विष्णु के अवतार "सनक, सनन्दन, सनातन और सनत्कुमार" थे। जिनकी आयु हमेशा 5 वर्ष की ही रहती हैं, न घटती हैं न बढ़ती हैं। सृष्टि के प्रारम्भ में लोकपितामह

एमएसपी पर बाजरा खरीद नहीं होने से अहीरवाल में भी आया उबाल

एमएसपी पर बाजरा खरीद नहीं होने से अहीरवाल में भी आया उबालराव इंद्रजीत के करीबी कोसली एमएलए के गढ़ में किसानों की पंचायतएमएसपी पर खरीद के लिए दिया सरकार को 2 दिन का अल्टीमेटमएमएसपी पर बाजरा खरीद नहीं,

हरियाणा के सीएम खट्टर का यह कैसा हो रहा सम्मान !

हरियाणा के सीएम खट्टर का यह कैसा हो रहा सम्मान !पाटोदी पालिका कार्यालय मे फेंका गया महापुरुषों के चित्रों युक्त फ्लेक्सक्या यही दिया जा रहा है आजादी का अमृत महोत्सव का संदेशफतह सिंह उजालापटौदी

इनेलो पहले दिन से ही भाजपा के तीन काले कृषि कानूनों के खिलाफ: चौटाला

इनेलो पहले दिन से ही भाजपा के तीन काले कृषि कानूनों के खिलाफ: चौटाला लखीमपुर खीरी में घायल किसान नेता से मेदांता अस्पताल में मिले ओपी चौटालाकेंद्रीय मंत्री के बेटे द्वारा गाड़ी से कुचलने के बाद बुरी

महाभारत” को पढ़ने का समय न हो तो भी इसके नौ सार

यदि "महाभारत" को पढ़ने का समय न हो तो भी इसके नौ सार- सूत्र हमारे जीवन में उपयोगी सिद्ध हो सकते है :- 1.संतानों की गलत माँग और हठ पर समय रहते अंकुश नहीं लगाया गया, तो अंत में आप असहाय हो जायेंगे-

मृत्यु के पश्चात मनुष्य के साथ मनुष्य की पाँच वस्तुएँ साथ जाती हैं।

मृत्यु के पश्चात मनुष्य के साथ मनुष्य की पाँच वस्तुएँ साथ जाती हैं। कामना-यदि मृत्य के समय हमारे मन मे किसी वस्तु विशेष के प्रति कोई आसक्ति शेष रह जाती है,कोई इक्षा अधूरी रह जाती है,कोई अपूर्ण

मैं न होता, तो क्या होता

,मैं न होता, तो क्या होता?,,, ,जिस समय रावण क्रोध में भरकर, तलवार लेकर, सीता माँ को मारने के लिए दौड़ पड़ा, तब हनुमान जी को लगा कि इसकी तलवार छीन कर, इसका सर काट लेना चाहिये। किन्तु, अगले ही