संभल जामा मस्जिद के सदर जफर अली की फिर बढ़ी मुश्किलें, भाई, बेटे और भतीजे पर पुलिस-प्रशासन ने की कार्रवाई
संभल जामा मस्जिद के सदर जफर अली की फिर बढ़ी मुश्किलें, भाई, बेटे और भतीजे पर पुलिस-प्रशासन ने की कार्रवाई
संभलः शाही मस्जिद सर्वे के दौरान हिंसा मामले में जेल में बंद जामा मस्जिद के सदर जफर अली की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। अब प्रशासन ने उनके परिवार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सदर SDM ने ज़फ़र अली के अधिवक्ता भाई, बेटे और भतीजे सहित 5 लोगों के खिलाफ BNS 130 के तहत कार्रवाई करते हुए पाबंद किया है. वहीं, इस कार्रवाई से गुस्साए अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया.
संभल की शाही जामा मस्जिद के सदर जफर अली एडवोकेट को बीते 23 मार्च को संभल पुलिस ने संभल हिंसा मामले में आरोपी बनाते हुए जेल भेजा था. जफर अली की गिरफ्तारी के विरोध में वकीलों ने कलम बंद हड़ताल कर रखी है. इस बीच संभल प्रशासन ने जफर अली के अधिवक्ता भाई ताहिर अली, बेटे हैदर, भतीजे दानिश और नादिश के अलावा कमर हुसैन के खिलाफ BNS 130 के तहत कार्रवाई की है. SDM डॉ वंदना मिश्रा ने बताया कि इन सभी लोगों के खिलाफ ईद और नवरात्रि को लेकर यह कार्रवाई की गई है। उधर इस कार्रवाई के खिलाफ संभल के अधिवक्ताओं ने कचहरी के बाहर विरोध प्रदर्शन करते हुए इस कार्रवाई को भेदभाव पूर्ण बताया है. पुलिस प्रशासन पर बदले की भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए विरोध दर्ज कराया है.
संभल हिंसा के मास्टरमाइंड शारिक साठा का एक ओर गुर्गा गिरफ्तार
संभल हिंसा के मास्टरमाइंड शारिक साठा के खिलाफ पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन जारी है. पुलिस ने विदेश में बैठे शारिक साठा के एक ओर गुर्गे को गिरफ्तार किया है। अपराध की दुनिया में 30 साल से अधिक सक्रिय रहा शारिक साठा का यह गुर्गा तमाम राज्यों में नाम बदलकर अपराध करता था. SP कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि असमोली थाना पुलिस ने 25 हजार के इनामी अपराधी को गिरफ्तार किया है. आरोपी दिलीप उर्फ हरीश पुत्र रामस्वरूप उर्फ राम सिंह बार-बार अपना और अपने पिता का नाम बदलकर कई राज्यों में अपराध करता रहा है. 1993 से गाड़ी चोरी करने का प्रोफेशनल ऑटो लिफ्टर है. 2020 तक शारिक साठा के गैंग के साथ में काम करता था. वर्तमान में उत्तर प्रदेश ,हरियाणा ,उत्तराखंड, दिल्ली और राजस्थान से चार पहिया गाड़ियां चोरी कर नागालैंड, पश्चिम बंगाल ,सिल्ली गुड़ी में ले जाकर बेचने का कार्य करता आ रहा है. दिलीप संभल से 4 साल से फरार चल रहा था.
एसपी ने बताया कि दिलीप 1993 में मुरादाबाद से गाड़ी चोरी करने का पहला अपराध किया था. इसके खिलाफ विभिन्न राज्यों में 40 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं. इसके अन्य साथियों की तलाश की जा रही है. बता दें कि संभल हिंसा मामले में पुलिस शारिक साठा के तीन गुर्गों मुल्ला अफ़रोज़, वारिस और गुलाम को पहले ही जेल भेज चुकी है.