चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों के मुद्दों को सुलझाने के लिए कीं 5000 बैठकें
चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों के मुद्दों को सुलझाने के लिए कीं 5000 बैठकें
नई दिल्ली: भारत के चुनाव आयोग (ईसी) ने राजनीतिक दलों के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. आयोग ने हाल ही में देश भर में विभिन्न स्तरों पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ लगभग 5,000 बैठकें की हैं. इन बैठकों का उद्देश्य विभिन्न स्तरों पर संबंधित सक्षम प्राधिकारी द्वारा किसी भी लंबित मुद्दे को हल करना था.
चुनाव आयोग द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, 25 दिनों की अवधि में कुल 4,719 बैठकें हुईं. इन बैठकों का विवरण इस प्रकार है.
40 बैठकें राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) द्वारा आयोजित की गईं.
800 बैठकें जिला चुनाव अधिकारियों द्वारा आयोजित की गईं.
3,879 बैठकें निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों द्वारा आयोजित की गईं.
चुनाव आयोग ने बताया कि इस प्रक्रिया में देश भर में राजनीतिक दलों के 28,000 से अधिक प्रतिनिधियों के साथ बातचीत शामिल थी.
बैठकों का उद्देश्य: इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य राजनीतिक दलों द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों को सुनना और उनका समाधान करना था. ये मुद्दे चुनाव प्रक्रिया, मतदाता सूची, चुनाव प्रचार, और अन्य संबंधित विषयों से संबंधित हो सकते हैं.
कार्रवाई रिपोर्ट: चुनाव आयोग ने सभी राज्यों से इन बैठकों के बाद की गई कार्रवाई पर रिपोर्ट मांगी है. इससे यह सुनिश्चित होगा कि उठाए गए मुद्दों पर उचित ध्यान दिया जा रहा है.
चुनाव आयोग का दृष्टिकोण: चुनाव आयोग ने कहा है कि यदि कोई मुद्दा मौजूदा कानूनी ढांचे के भीतर हल नहीं होता है, तो आयोग उस पर विचार करेगा. यह दर्शाता है कि चुनाव आयोग राजनीतिक दलों की समस्याओं को गंभीरता से ले रहा है और उन्हें हल करने के लिए प्रतिबद्ध है.