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मशरूम उत्पादन को बनाए अपना रोजगार, रिटर्न भी मिलेगा शानदार, नई तकनीक से मटके में उगाए, धंधा ये सदाबहार

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मशरूम उत्पादन को बनाए अपना रोजगार, रिटर्न भी मिलेगा शानदार, नई तकनीक से मटके में उगाए, धंधा ये सदाबहार

सक्षम युवा सबल भारत
✍️ हरिओम विश्वकर्मा एडवोकेट जालौन

मशरूम के गुणों से सब वाकिफ है। ताजा मशरूम से आप तरह-तरह के स्वादिष्ट व्यंजन बना सकते हैं। साथ ही, इसमें वैल्यू-एडिशन कर अलग-अलग उत्पाद भी बनाये जा सकते हैं। अधिकांश लोग बाजार से मशरूम खरीदते हैं, लेकिन कैसा हो अगर आप घर पर ही मशरूम उगा सकें, तो? और वह भी आपके घर में बेकार पड़े मटके में मशरूम उगाना सीख लें तो?

जी हाँ! राजस्थान के श्रीगंगानगर के कृषि अनुसंधान केंद्र के कृषि एक्सपर्ट, डॉ. एसके बैरवा ने मटके में मशरूम उगाने की नई तकनीक विकसित की है। उन्होंने साल 2020 में इस तकनीक पर काम किया था, जिसका रिजल्ट काफी अच्छा निकला।

श्री बैरवा की पर्यावरण को बचाने के लिए की यह पहल पर्यावरण को नुकसान पहुचाएं बिना मशरूम उगाने के मकसद से, इस तकनीक पर काम किया गया है। दरअसल, कई लोग प्लास्टिक में मशरूम उगाते हैं। इसके बाद प्लास्टिक फेंक देते हैं और यह पर्यावरण के लिए खतरनाक है। लेकिन मटके में मशरूम उगाना पर्यावरण अनुकूल भी है और गर्मी के दिनों के लिए काफी कारगर भी।

वह कहते हैं, “इसमें सिर्फ ओएस्टर मशरूम उगाएं जा सकते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें उसी तकनीक का इस्तेमाल करना होगा, जिसे हम हमेशा से कर रहे हैं। बस प्लास्टिक की जगह मटके ने ले ली है।”

मटके (clay pot) में मशरूम उगाने का तरीका 
मशरूम को भूसे में उगाने के लिए आपको सबसे पहले भूसे को तैयार करना होगा। ध्यान रहे कि आप हरे रंग का कच्चा भूसा न लें, बल्कि सिर्फ पीले रंग का सूखा हुआ भूसा लें। इसे अब 6-7 इंच के आकार का काट लें। इस भूसे को पूरी रात पानी में भिगोकर रखें और सुबह इसे निकाल लें। इसके बाद, इसे गर्म पानी में उबालें और सुखाएं। इस भूसे को इस तरह तैयार करें कि इसमें हल्की-हल्की नमी बची रहे।

मशरूम उगाने के लिए
सबसे पहले आप एक मटका ले लें। मटका ख़राब हो या थोड़ा बहुत टूटा भी हो तो चलेगा।

मटके में ड्रिलिंग मशीन की सहायता से चारों तरफ छोटे-छोटे छेद कर दें। थोड़े ज्यादा छेद नीचे की ओर करें। इसके बाद, उस मटके के अंदर भूसा भरें।

इस दौरान मटके के अंदर मशरूम का स्पॉन यानी बीज भी डाल दें।

इसके बाद, उन छेदों को रूई या टेप की मदद से बाहर से बंद कर दें।

आखिर में मटके का मुंह किसी मोटे कपड़े या बोरी से बाँधकर बंद कर दीजिए, ताकि नमी मटके के बाहर न निकल सके।

इसके बाद उस मटके को अंधेरे कमरे में 12 से 15 दिन के लिए रख दीजिए।

इस दौरान उन्हें न तो सूर्य की रोशनी लगने दें और न ही मटके के मुंह को खोलकर मशरूम को चेक करें।

करीब 15 दिनों में मशरूम के स्पॉन बीज, पूरी तरह से फैलकर विकसित हो जाएंगे।

लगभग 3 हफ्ते बाद कपड़े को हटाकर मटके को देखें।

आपको छेद में से मशरूम के छोटे-छोटे सफेद बड दिखाई देंगे।

जब ये बड आपको दिखना शुरू हो जाएं, तो आप मटके के ढक्क्न को खोलकर रख सकते हैं या फिर कहीं लटका सकते हैं।

बड आने के लगभग एक हफ्ते में ही, आपको मशरूम की अच्छी-खासी हार्वेस्ट मिल जाएगी।

जब यह गुच्छा ऊपर की तरफ मुड़ने लगे तो आपको समझ जाना चाहिए कि अब आप मशरूम तोड़कर इस्तेमाल कर सकते हैं।

ओएस्टर मशरूम उगाने के लिए आप इस तकनीक का इस्तेमाल करें। ज्यादा अच्छे और गुच्छेदार मशरूम के लिए आपको बीज की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना होगा। ओएस्टर मशरूम के बीज आप ऑनलाइन अमेज़न से भी खरीद सकते हैं। अगर आपके शहर में कृषि विज्ञान केंद्र है, तो आप वहां से भी मशरूम के स्पॉन ले सकते हैं।

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