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हजरत मोहम्मद का जन्मोत्सव अक़ीदत के साथ मनाया

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हजरत मोहम्मद का जन्मोत्सव अक़ीदत के साथ मनाया

मदरसा जामिया पब्लिक स्कूल में पढ़ने वालों बच्चों ने जुलूस निकाला गया

तिरंगा झंडा फहराते हुए बच्चे भी तिरंगे झंडे की शान में नारे लगाते  रहे

नबी अर्थात अल्लाह, हजरत मुहम्मद को याद करते भी नारे लगाए गए

फतह सिंह उजाला
पटौदी।
 हजरत मोहम्मद का जन्मोत्सव, ईद-ए-मिलाद उन नबी का दिन मंगलवार को पटौदी में मुस्लिम समुदाय के बीच बड़ी अक़ीदत के साथ में मनाया गया है। मंगलवार को ईद-ए-मिलाद  पर्व से पहले 18 अक्टूबर की रात को मुस्लिम समुदाय के लोगों के द्वारा तालीमी कांन्फें्रस का आयोजन किया गया। इसमें मुस्लिम समाज के प्रबुद्ध लोगों के द्वारा हजरत मुहम्मद से लेकर इस्लाम में बताई गई समाजहित-भाईचारा, एकजुुटता, सहयोग करने जैसी बातों पर विस्तार के साथ में जानकारी सांझा की गई।  

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इस मौके पर रफा-ए-आम अल्प संख्यक एजुकेशन सोसायटी के तत्वाधान में मदरसा जामिया पब्लिक स्कूल में पढ़ने वालों बच्चों के द्वारा पटौदी शहर में विभिन्न मोर्गो और मोहल्लो से जुलूस निकाला गया। इस दौरान मदरसा जामिया पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों ने अपने अपने हाथों में विभिन्न प्रकार के सामाजिक एकता, अखंडता और भाईचारे संबंधित बैनर इत्यादी लिये हुए थे। बच्चों के हाथों में सबसे महत्वपूर्ण बहुुत बड़े आकार के तिरंगे झंडे लेकर जोश सहित उत्साह के साथ लहराते हुए समाज, देश में एकता-अखंडता के नारे लगाने के साथ ही मदरसे में प्राप्त की जा रही शिक्षा के मुताबिक अपने मुस्लिम धर्म और इस्लाम के अनुसार नबी अर्थात अल्लाह, हजरत मुहम्मद को याद करते भी नारे लगाए गए। इसी दौरान मदरसा जामिया पब्लिक स्कूल में पढ़ने वालों बच्चों के द्वारा निकाले गए जूलूस में शामिल बच्चों को मुस्लिम समुदाय परिवारों की महिलाओं के द्वारा बीच-बीच रास्ते में विभिन्न प्रकार के पेय पदार्थ भेंट किये गए।

इस आयोजन के मौके पर पटौदी पालिका पार्षद मुनफेद अली, हाजी शाोकत अली, हाजी शाह मोहम्मद, मौलाना नाजिम, हाफिज रजा, माहम्मद तौफीक, निशार, मुशर्रफ, इजाज मोहम्मद आलम, मुन्नवर अली, अब्दुुल खालिक सहित अनेक लोग तथा मदरसा जामिया पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे शामिल रहे। जिस समय मदरसा जामिया पब्लिक स्कूल के छात्रों के द्वारा हाथों में इस्लाम और इस्लामिक तालीम लिखें बैनर , होर्डिंग के साथ ही तिरंगे झंडे लहराते हुए शहर के विभिन्न मार्गों से जुलूस निकाला गया, तो एक अलग ही प्रकार का दृश्य लोगों को देखने के लिए मिला । वास्तव में इस बात का एहसास ही नहीं हो सका की मंगलवार को यह आयोजन मुस्लिम समुदाय के द्वारा हजरत मोहम्मद के जन्मोत्सव के उपलक्ष पर आयोजित किया गया या फिर राष्ट्र की एकता अखंडता का संकल्प लेकर किया गया । जब हरे झंडे पर विभिन्न प्रकार के शिक्षाप्रद , सामाजिक भाईचारे और राष्ट्र की एकता के साथ साथ शिक्षा संबंधित इबारत लिखी हुई थी । इन्हीं सबके बीच में देश की आन बान शान तिरंगा झंडा फहराते हुए बच्चे भी तिरंगे झंडे की शान में नारे लगाते हुए चल रहे थे । यह जुलूस मदरसा जामिया पब्लिक स्कूल से आरंभ होकर पटौदी शहर के विभिन्न मार्गाे से होते हुए मेजबान स्कूल में ही समाप्त हुआ।

ईद-ए-मिलाद उन नबी का दिन बड़ी अक़ीदत के साथ मनाया गया। माना जाता है कि इस दिन ही इस्लाम के आखिरी पैगंबर हजरत मुहम्मद का जन्म हुआ था, और इसी दिन उनका इंतकाल भी हुआ था। इसलिए इस दिन को बारावफात के नाम से भी जाना जाता है। इस्लाम मानने वाले अलग-अलग फिरकों और समुदाय के लोग इस त्योहार को अलग-अलग तरह से मनाते हैं।  बारावफात या फिर जिसे ईद- मीलाद  उन – नबी के नाम से भी जाना जाता है, यह दिन इस्लाम मजहब का एक महत्वपूर्ण दिन है। इस्लामी कैलेंडर के रबी  अल – अव्वल की 12 तारीख को इद-ए-मिलाद का पर्व मनाया जाता है। इस्लामी मान्यता के मुताबिक हजरत मुहम्मद का जन्म 517 ईस्वी में हुआ था और 610 इस्वी में मक्का की हीरा गुफा में उन्हें इहलाम हुआ। 11 वीं शताब्दी तक आते-आते पूरी दुनिया के मुसलमान इसे मनाने लगे।

ईद-ए-मिलाद के दिन इस्लाम के मानने वालो के द्वारा मदरसो-मस्जिदों में नमाज अता की गई। हजरत मुहम्मद की शिक्षाओं और उपदेशों को अमल लाने का संकल्प लिया गया। इस दिन हरे रंग के घागे बांधने या कपड़े पहनने का भी रिवाज़ है। हरे रंग का इस्लाम में बहुत महत्व है। इसके साथ ही मदरसा जामिया पब्लिक स्कूल में सभी धर्म, वर्ग, संप्रदाय सहित 36 बिरादरी के लिए भंडारा का प्रसाद वितरित करने से पहले सामुहिक रूप से दुुआ भी पढ़ी गई। जुलूस निकालते हुए हजरत मुहम्मद की शिक्षाओं को तख्तियों पर लिख कर सारी दुनिया को उससे रूबरू कराया गया। 

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